Bhopal Scholarship Scam: 972 फर्जी छात्रों के नाम पर 57.78 लाख रूपए की हेराफेरी, 40 संस्थान शक के घेरे में

Bhopal Scholarship Scam: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। इस घोटाले में 20 निजी स्कूलों और 20 मदरसों ने मिलकर 972 फर्जी छात्रों के नाम पर 57.78 लाख रूपए की राशि सरकारी खजाने से निकाल ली। यह राशि असली जरूरतमंद अल्पसंख्यक छात्रों के लिए थी, जिसे फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़प लिया गया।
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कैसे हुआ घोटाले का खुलासा?
17 जून 2025 को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद भोपाल क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि 2021-22 के शैक्षणिक सत्र में 83 संस्थानों ने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर छात्रों का गलत पंजीकरण किया था। शुरुआती जांच में 40 संस्थान (17 मदरसे और 23 स्कूल) फर्जीवाड़े में संलिप्त पाए गए।
मान्यता से ज्यादा कक्षाओं में दाखिला, फर्जी नामों से स्कॉलरशिप
इन संस्थानों ने 8वीं या 10वीं तक की मान्यता होते हुए भी 11वीं-12वीं के छात्रों का स्कॉलरशिप लिया। कई मामलों में अन्य स्कूलों में पढ़ने वाले असली छात्रों के नाम का दुरुपयोग किया गया, जबकि कुछ छात्रों का कोई अस्तित्व ही नहीं था। एडीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने इसे एक सुनियोजित घोटाला बताया है, जिसमें संस्थानों ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया।
पुलिस जांच और कार्रवाई
क्राइम ब्रांच ने 40 संस्थानों के प्रबंधन, नोडल अधिकारियों और प्रमुखों पर IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर दर्ज की है। डीसीपी अखिल पटेल के अनुसार, भोपाल के 40 और अन्य जिलों के 64 स्कूलों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी की संभावना है।
सामाजिक और प्रशासनिक चिंता
इस घोटाले ने सरकार की अल्पसंख्यक योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। #BhopalScholarshipScam और #MinorityScholarship जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। लोग दोषियों की सख्त सजा और संस्थानों की मान्यता रद्द करने की मांग कर रहे हैं।